- चौथीवाणी/लखीसराय(सरफ़राज़ आलम )
खुशबू पुस्तक भंडार के संचालक शत्रुधन साव की हत्या से फैली सनसनी के बीच पुलिस ने महज 48 घंटे में पूरे मामले का सफल खुलासा कर दिया। इस कार्रवाई से न सिर्फ अपराधियों के हौसले पस्त हुए हैं, बल्कि स्थानीय व्यापारियों और आम जनता में पुलिस के प्रति विश्वास भी बढ़ा है।पुलिस अधीक्षक अजय कुमार के निर्देश और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) शिवम कुमार के नेतृत्व में गठित विशेष जांच दल एसआईटी ने आधुनिक तकनीक, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और खुफिया तंत्र की मदद से दो कुख्यात अपराधियों को धर दबोचा। पूछताछ में दोनों ने न केवल इस हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार की, बल्कि रंगदारी के संगठित नेटवर्क का भी खुलासा किया।
22 अगस्त की देर शाम करीब 9 बजे बड़हिया खुशबू पुस्तक भंडार के मालिक शत्रुधन साव अपनी दुकान बंद कर घर जा रहे थे इसी बीच हिर्दनविघा गैस गोदाम के समीप बाइक सवार अपराधियों ने उन पर गोलियां दाग दीं। गंभीर रूप से घायल शत्रुधन को अस्पताल ले जाया गया,जहाँ डॉ ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस घटना से बड़हिया में आक्रोश का माहौल बन गया। व्यापारियों ने अनिश्चितकालीन बाजार बंद का ऐलान कर दिया और सुरक्षा की मांग की। मृतक की पत्नी रंजना देवी के आवेदन पर बड़हिया थाना कांड संख्या 172/25 दर्ज की गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने एसआईटी टीम का गठन किया। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज की बारिकी से जांच की। अपराधियों की गतिविधि, बाइक का नंबर और उनकी मूवमेंट का विश्लेषण किया गया।तकनीकी और मानवीय खुफिया तंत्र के जरिए पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले। टीम ने लगातार छापेमारी कर दो अपराधियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में उन्होंने हत्या की पूरी साजिश का खुलासा कर दिया।गिरफ्तार अपराधियों ने बताया कि उन्होंने मृतक से 5 लाख रुपये रंगदारी मांगी थी। मृतक ने 1.5 लाख रुपये दे दिए थे, लेकिन शेष राशि देने से इनकार कर दिया। इसके बाद गिरोह ने सुनियोजित तरीके से उनकी रैकी की और हत्या को अंजाम दिया।यह गिरोह लंबे समय से बड़हिया और आसपास के क्षेत्रों के व्यवसायियों को धमकाकर अवैध वसूली कर रहा था। पुलिस को पूछताछ में कई अन्य व्यापारियों के नाम भी मिले हैं जिन्हें यह गिरोह रंगदारी के लिए धमका रहा था।
गिरफ्तार अपराधी में बड़हिया नगर के वार्ड 13 दानी टोला निवासी राजीव सिंह के पुत्र लक्ष्मीनारायण है जिस पर बड़हिया थाना में पहले से थाना कांड संख्या 78/24, 170/25 सहित कई गंभीर मामलों में नामजद। वही दूसरा अपराधी निवासी इन्द्रटोला, वार्ड 20 निवासी राजकुमार झा के पुत्र सोनू झा है।जिस पर बड़हिया थाना में हत्या, रंगदारी, लूट और आर्म्स एक्ट के कई मामलों में अभियुक्त।दोनों अपराधियों का लंबा आपराधिक इतिहास है। पुलिस ने बताया कि इनके गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।
गिरफ्तारी अपराधियों के निशानदेही पर पुलिस ने घटना मेंइस्तेमाल किये गए दो देसी पिस्टल, दो मैगजीन और तीन जिंदा कारतूस,घटना में प्रयुक्त बाइक,दो मोबाइल फोन,अपराध के समय पहना गया कपड़ा अन्य आपराधिक सामग्री बरामद किया गया।
इस पूरे अभियान में बड़हिया थाना प्रभारी ब्रजभूषण सिंह, पु.अ.नि. रोहित रंजन, निकिता कुमारी, रजनी कुमारी, शंकर सिंह, नि. राकेश कुमार श्रीवास्तव, स.अ.नि. आशीष कुमार श्रीवास्तव, डीआईयू टीम, एसआईटी टीम और सशस्त्र बल शामिल थे।पुलिस अधीक्षक अजय कुमार ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बड़हिया और लखीसराय जिले में कानून-व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों का हश्र यही होगा। इस खुलासे के बाद बड़हिया के व्यापारियों ने राहत की सांस ली है। पुलिस ने बाजार में गश्त और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने का आश्वासन दिया है। हालांकि गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश जारी है और पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरा गिरोह कानून के शिकंजे में होगा।